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Wednesday, September 30, 2009

सीता माँ की अग्नि परीक्षा के समय का एक चित्रण.



सीता को देखे सारा गाँव.......
सीता को देखे सारा गाँव
आग पे, कैसे धरेगी पाँव ?
आग पे, कैसे धरेगी पाँव ?

बच जाए तो, देवी माँ है,
बच जाए तो देवी माँ है,
जल जाए तो पापन।
बच जाए तो, देवी माँ है, जल जाए तो पापन।
जिसका रुप जगत की ठंड़क,
अग्नि उसका दर्पण,
अग्नि उसका दर्पण।
लोग जो चाहें सोचे समझे, वो तो हैं नादान
लेकिन इनको क्या कहियेगा? ये तो हैं भगवान ।
अग्नि पार उतर के सीता जीत गई विश्वास, देखा दोनों हाथ बढ़ाए राम खड़े थे पार ।
उस दिन से संगत में आया, सचमुच का बनवास.....सचमुच का बनवास, सचमुच का बनवास
सीता....... सीता को देखे सारा गाँव......
आग पे.... कैसे धरेगी पाँव ? .
THIS IS A SONG SUNG BY RAVI NAGAR , HE HAS RECIEVED THE STATE ACADEMY AWARD FOR MUSIC , RAVI NAGAR IS A MUSIC DIRECTOR SINGER AND MUSIC COMPOSER. HAILING FROM LUCKNOW
http://safarr.blogspot.com से साभार



3 comments:

  1. bahut achhe drishya ko saamne laayaa gaya hai..
    jab bhagwaan kahe jane waale raam ne aurat kee ijzaat naheen kee to aam insaan se khaak umeed hogee..

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  2. बहुत सुन्दर पोस्ट ।

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  3. बहुत बहुत धन्यवाद ,इसमें आभार है "सफ़र" ब्लॉग का ,और गायक का

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