

आज आसमान में पूनम का चाँद निकला है, और ये चाँद बेहद खूबसूरत नज़र आ रहा है ....
इस चाँद की चमक के आगे मेरी आँखों की चमक मानों फीकी पड़ चुकी हो,
जानना नहीं चाहोगे, कि मेरे आखों में ये चमक क्यों है... ?
मैं बताता हूँ.....
ये चमक उन पलों को याद कर के आई है,
जब तुम और मैं साथ हुआ करते थे!
वो पल कितने खूबसूरत हुआ करते थे, बिलकुल इस चाँद की तरह, आज भी वो पल हैं.... मेरे साथ मेरी यादें बनकर !
काश तुम अपने घर की खिड़की खोलतीं और देखतीं इस चाँद को, और इस चांदनी रात को........!
काश ,काश तुम्हें वो पल भी याद आ जाते,जिन पलों में तुम और मैं... साथ थे ,और साथ हुआ करती थी ऐसी ही एक चांदनी रात
काश कि मुझे आज काश न कहना पड़ता ,
काश ये ग़म मुझ अकेले का न होता ,काश इन यादों को मैं अकेले न ढो रहा होता !
काश कि मैं आज अकेला न होता !
वो पल जो तुमने और मैंने साथ बिताए थे ,काश ये यादें बनकर मुझे सता न रहीं होतीं


